बुधवार, 18 सितंबर 2013

'आकुल' का लघुकथा संग्रह 'अब रामराज्‍य आएगा !!' का विमोचन उज्‍जैन में

'आकुल' को *भारतीय भाषा रत्‍न* से भी सम्‍मानित किया जाएगा
कोटा। फ्रेण्‍ड्स हेल्‍पलाइन, कोटा के सौजन्‍य से प्रकाशित डा0 गोपाल कृष्‍ण भट्ट 'आकुल' की नई पुस्‍तक लघुकथा संग्रह 'अब राम राज्‍य आएगा !!' छप कर तैयार है। इसका लोकार्पण पौराणिक नगरी उज्‍जैन (अवंतिका) में 13-14 दिसम्‍बर को आयोजित विक्रमशिला हिन्‍दी विद्यापीठ, गांधीनगर, भागलपुर (बिहार) के 18वें अधिवेशन में 14 दिसम्‍बर को रामनाथ सेवा आश्रम के विशाल प्रांगण में एक भव्‍य समारोह में लोकार्पित किया जाएगा। इस अधिवेशन में अखिल भारतीय स्‍तर के चुनिन्‍दा लगभग 150 प्रबुद्ध साहित्‍यकारों, कलाकारों, विद्वानों को सारस्‍वत सम्‍मान प्रदान किया जाएगा। श्री 'आकुल' के लघुकथा संग्रह के विमोचन के लिए विद्यापीठ के कुलसचिव डा0 देवेन्‍द्रनाथ शाह से स्‍वीकृति मिल गयी है। इस अधिवेशन में श्री 'आकुल' को *भारतीय भाषा रत्‍न* सारस्‍वत सम्‍मान भी प्रदान किया जाएगा। 'आकुल' की यह चौथी पुस्‍तक है। 100 पृष्‍ठीय इस संग्रह में लघुकथा, बोधकथा प्रेरक प्रसंग आदि 35 कथाओं का संग्रह है। हेल्‍पलाइन के प्रबंध सम्‍पादक एवं मानद सचिव श्री नरेंद्र कुमार चक्रवर्ती ने बताया कि संग्रह सशक्‍त सम सामयिक घटनाओं का जखीरा है जिसमें सत्‍यघटनाओं और वर्तमान भारत की दशा दिशा, भारतीय सभ्‍यता और संस्‍कृति के अक्षुण्‍ण दर्शन का लघुकथाओं के माध्‍यम से जीवंत चित्रण किया गया है। इस लघुकथा संग्रह में भूमिका राजस्‍थान के मूर्धन्‍य वरिष्‍ठ साहित्‍यकार एवं शिक्षाविद् पं0 गदाधर भट्ट ने लिखी है।  
  

3 टिप्‍पणियां:

  1. आकुल जी अग्रीम बधाई ...शुभकामनाएँ ...

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    1. धन्‍यवाद सृजन जी। नमस्‍कार। उज्‍जैन में मुलाकात होगी, आशा करता हूँ।

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  2. आदरणीय आकुल जी आपको नवसृजन "अब रामराज्य आएग़ा" एवं "भारतीय भाषा रत्न" के लिए नामित होने पर अनंत शुभकामनाएँ। सहर्ष स्वीकार करें।

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