बुधवार, 2 मई 2018

हिन्‍दुस्‍तानी भाषा अकादमी का प्रथम हिन्‍दुस्‍तानी भाषा काव्‍य प्रतिभा सम्‍मान समारोह दिल्‍ली में सम्‍पन्‍न, डॉ. आकुल सहित 70 गीतकार सम्‍मानित



नई दिल्‍ली। 29 अप्रेल को नई दिल्‍ली के गाँधी शांति प्रतिष्‍ठान में हिन्‍दुस्‍तानी भाषा अकादमी का प्रथम काव्‍य प्रतिभा सम्‍मान सम्‍मारोह सम्‍पन्‍न हुआ। अकादमी का प्रथम हिंदुस्‍तानी भाषा काव्‍य प्रतिभा सम्‍मान भोपाल की प्रख्‍यात कवयित्री व गीतकार सुश्री संध्‍या सिंहजी को दिया गया। समारोह में प्रथम हिंदुस्‍तानी भाषा काव्‍य प्रतिभा सम्‍मान के लिए चयनित अखिल भारतीय स्‍तर के प्राप्‍त गीतकारों के प्राप्‍त 240 गीतों में से श्रेष्‍ठ 70 गीतों को सम्मिलित करते हुए एक गीत संग्रह ‘शब्‍द साधना’ का भी समारोह में लोकार्पण हुआ। समारोह में दो महिला रचनाकारों यथा वरिष्‍ठ कथाकार सुश्री सुरेखा शर्मा ‘शांति’ की प्रतिनिधि
डॉ. आकुल को सम्‍मानित करते अतिथि गण
कहानियों और कवयित्री सुश्री सुधा कुमारी ‘जूही’ की पुस्‍तक ‘एक मासूम की शादी’ का लोकार्पण किया गया। समारोह की अध्‍यक्षता गीतों के सशक्‍त हस्‍ताक्षर मुरादाबाद के श्री माहेश्‍वर तिवारी ने किया। मुख्‍य अतिथि गाजियाबाद के श्री धनंजय सिंहजी थे। ‘शब्‍द साधना’ में मुझ अकिंचन के साथ मुक्‍त्‍क लोक की सदस्‍या सुश्री रमा प्रवीण वर्माजी, सुश्री मंजू श्रीवास्‍तव, साहित्‍य क्षेत्र के नामवर गीतकार साहित्‍यकार कवि श्री शिवानंद सहयोगी, डॉ. अनीता सिंह, डॉ. नेहा इलाहाबादी, मोहन भारतीय, भावना तिवारी, योगेंद्र वर्मा ‘व्‍योम’,  शुभदा वाजपेयी, संतोष कुमार सिंह, डॉ. संगीता नाथ, डॉ. मधु भारतीय, संजय शुक्‍ल, डॉ.घमण्‍डी लाल अग्रवाल, प्रो. शरद नारायण खरे आदि रचनाकारों को सम्मिलित किया गया है. इस समारोह के कुछ चित्र गतिविधि के अंतर्गत प्रस्‍तुत हैं-    
 
  

लखनऊ में दोहा मुक्‍तक संकलन 'तन दोहा मन मुक्तिका' का लोकार्पण

'तन दोहा मन मुक्तिका' दोहा मुक्‍तक संकलन

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लखनऊ मेंसम्‍पन्‍नलोकार्पणसमारोह
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शुक्रवार, 25 अगस्त 2017

गणेशाष्‍टक

जय गणेश जय गणेश गणपति जय गणेश।।
1
धरा सदृश माता है माँ की परिकम्‍मा कर आए।
एकदन्‍त गणनायक गणपति प्रथम पूज्‍य कहलाए।।
प्रथम पूज्‍य कहलाए गणपति जय गणेश।
जय गणेश जय गणेश...........।।
2
लाभ-क्षेम दो पुत्र, ऋद्धि-सिद्ध के स्‍वामि गजानन।
अभय और वर मुद्रा में करते कल्‍याण गजानन।।
करते कल्‍याण गजानन गणपति जय गणेश।
जय गणेश जय गणेश..........।।
3
मानव-देव-असुर पूजें व त्रिदेवों ने गुण गाये।
धर त्रिपुण्‍ड मस्‍तक पर, शशिधर भालचन्‍द्र कहलाए।।
भालचन्‍द्र कहलाए गणपति जय गणेश।
जय गणेश जय गणेश ..........।।
4
असुर-नाग-नर-देव स्‍थापक,चतुर्वेद के ज्ञाता।
जन्‍म चतुर्थी, धर्म-अर्थ और काम-मोक्ष के दाता।।
काम-मोक्ष के दाता गणपति जय गणेश।
जय गणेश जय गणेश..........।।
5
पंचदेव और पंच महाभूतों में प्रमुख कहाए।
बिना रुके लिख महाभारत महा-आशुलिपिक कहलाए।।
आशुलिपिक कहलाए गणपति जय गणेश।
जय गणेश जय गणेश ...........।।
6


अंकुश-पाश-गदा-खड्.ग -लड्डू-चक्र-षट्भुजा धारे।
मोदक प्रिय, मूषक वाहन प्रिय, शैलसुता के प्‍यारे।।
शैलसुता के प्‍यार गणपति जय गणेश।
जय गणेश जय गणेश..........।।
7
सप्‍ताक्षर 'गणपतये नम:' सप्‍त चक्र मूलाधारी।
विद्यावारिधि, वाचस्‍पति, महामहोपाध्‍याय* अनुसारी।।
जपो सदा ''गणपतये नमन:'' जय गणेश।
जय गणेश जय गणेश..........।।
8
छन्‍दशास्‍त्र के अष्‍टगणाधिष्‍ठाता अष्‍टविनायक।
'आकुल' जय गणेश, जय गणपति सबके कष्‍ट निवारक।।
सबके कष्‍ट निवारक गणपति, जय गणेश।
जय गणेश जय गणेश..........।।

बुधवार, 23 अगस्त 2017

सान्निध्य: तीन तलाक (गीतिका)

सान्निध्य: तीन तलाक (गीतिका): पदांत - चाहिए   समांत - अनी तलाक के निर्णय को अब सर्वत्र प्रशंसाएँ मिलनी चाहिए.   जो हैं असहमत फैसले के उनके अब ...

गुरुवार, 17 अगस्त 2017

सान्निध्य: इक मुसकान दे आएँ


सान्निध्य: इक मुसकान दे आएँ: छंद - विधाता मापनी- 1222 1222 1222 1222 पदांत- दे आएँ समांत- आन किसी रोते हुए बच्चे, को’ इक मुसकान दे आयें. किसी भूखे की’ झोली में...

मंगलवार, 15 अगस्त 2017

सान्निध्य: आवाज़ दो हम एक हैं

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सान्निध्य: आवाज़ दो हम एक हैं:   (देश भक्ति गीत) पंद्रह अगस्‍त पर्व का यह दिन महान है. उदित हुए सूरज को’ भी यह स्‍वाभिमान है. यह उस धरा को दे रहा प्रकाश युग...