ज्वलन्त सम सामयिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक समाचारों का झरोखा
शुक्रवार, 7 अक्टूबर 2011
सान्निध्य: कितने रावण मारे अब तक
सान्निध्य: कितने रावण मारे अब तक: कितने रावण मारे अब तक कितने कल संहारे मन के भीतर बैठे रावण को ना मार सका रे तेरी अंतरात्मा षड् रिपु में पड़ी हुई है इसीलिए यह धारा रावणों से...
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